गुरुवार, 29 सितंबर 2022

भारत रत्न विजेता /देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न

  देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की शुरुआत 1954 से हुई। अब तक विभिन्न क्षेत्रों की 42 हस्तियों को भारत रत्न के सम्मान से नवाजा जा चुका है। 

पहला भारत रत्न का सम्मान देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ- सर्वपल्ली राधाकृष्णन को  1954 में प्रदान किया 


(1) 1954 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन-              (देश के दूसरे राष्ट्रपति), 

(2) 1954 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी-             (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, अंतिम गवर्नर  जनरल).

(3) 1954 में डॉ. चन्द्रशेखर वेंकट रमन-      (नोबेल पुरस्कार विजेता, भौतिकशास्त्री) 

(4) 1955 में डॉ. भगवान दास -                               (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लेखक) 
(5) 1955 में सर डॉ. मौक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या-    (सिविल इंजीनियर, मैसूर के दीवान), 
(6) 1955 में पं. जवाहरलाल नेहरू -                        (प्रथम प्रधानमंत्री, लेखक, स्वतंत्रता सेनानी)(7) 1957 में गोविंद वल्लभ पंत-                                            (स्वतंत्रता सेनानी, उप्र के पहले मुख्यमंत्री, देश के दूसरे गृहमंत्री) 
(8) 1957 में डॉ. धोंडो केशव कर्वे -                                                (शिक्षक और समाज सुधारक) 
(9)1958 में डॉ. बिधान चन्द्र राय -                                  (चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री) 
(10) 1961 में पुरुषोत्तम दास टंडन -                                             (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शिक्षक)
(11) 1961 में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद-                                               (प्रथम राष्ट्रपति, स्वतंत्रता सेनानी, विधिवेत्ता) 
(12) 1963 में डॉ. जाकिर हुसैन                                        (देश के तृतीय राष्ट्रपति) 
(13) 1963 में डॉ. पांडुरंग वामन काणे                                 (भारतविद और संस्कृत के विद्वान) 
(14) 1966 में लाल बहादुर शास्त्री                                   (देश के तीसरे प्रधानमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी) 
(15) 1971 में इंदिरा गांधी                                                    (देश की चौथी प्रधानमंत्री)
(16) 1975 में वराहगिरी वेंकट गिरी                                    (देश के चौथे राष्ट्रपति, श्रमिक संघवादी),  
   
(17) 1976 में के. कामराज                                              (स्वतंत्रता सेनानी, मुख्यमंत्री मद्रास),  
(18) 1980 में मदर टेरेसा                                              (नोबेल पुरस्कार विजेता, कैथोलिक नन, मिशनरीज़ संस्थापक) 
(19) 1983 में आचार्य विनोबा भावे                                   (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक), 
(20) 1987 में खान अब्दुल गफ्फार खान      
       (स्वतंत्रता सेनानी, प्रथम अभारतीय) 
(21) 1988 में मरुदुर गोपाला रामचन्दम            (अभिनेता, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री), 
(22) 1990 में डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर         (भारतीय संविधान के वास्तुकार, राज‍नीतिज्ञ,     अर्थशास्त्री) 
(23) 1990 में नेल्सन मंडला                                    (नोबेल पुरस्कार विजेता, रंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता) 
(24) 1991 में राजीव गांधी (देश के सातवें प्रधानमंत्री) 
(25) 1991 में सरदार वल्लभ भाई पटेल (देश के पहले गृहमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी), 
(26) 1991 में मोरारजी भाई देसाई (देश के पांचवें प्रधानमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी) 
(27) 1992 में मौलाना अबुल कलाम आजाद (देश के प्रथम शिक्षा मंत्री, स्वतंत्रता सेनानी) 
(28) 1992 में जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (जेआरडी टाटा), (देश के जाने माने उद्योगपति) 
(29) 1992 में सत्यजीत रे (फिल्म निर्माता, निर्देशक) 
(30) 1997 में एपीजे अब्दुल कलाम (देश के 11वें राष्ट्रपति, वैज्ञानिक)
(31) 1997 में गुलजारीलाल नंदा (दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी) 
(32) 1997 में अरुणा आसिफ अली (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी), 
(33) 1998 में एमएस सुब्बालक्ष्मी (शास्त्रीय संगीत गायिका) 
(34) 1998 में सी. सुब्रमण्यम (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कृषि मंत्री), 
(35) 1998 में जयप्रकाश नारायण (स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ), 
(36) 1999 में पंडित रविशंकर (सितार वादक) 
(37) 1999 में अमर्त्य सेन (नोबेल पुरस्कार विजेता, अर्थशास्त्री), 
(38) 1999 में गोपीनाथ बोरदोलोई (स्वतंत्रता सेनानी, असम के मुख्यमंत्री), 
(39) 2001 में लता मंगेशकर (पार्श्व गायिका),  
(40) 2001 में उस्ताद बिस्मिल्ला खां (शहनाई वादक) 
(41) 2008 में पंडित भीमसेन जोशी                       (शास्त्रीय गायक), 
(42) 2014 में सचिन तेंडुलकर                         (भारतीय क्रिकेटर),
(43) सीएनआर राव                                       (जाने-माने वैज्ञानिक व केमेस्ट्री के विशेषज्ञ ), 
(44) 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी                             ( जाने-माने राजनेता),

(45) 2015 में पं. मदनमोहन मालवीय                                                ( शिक्षाविद, समाज सुधारक),  
 2019      -     
प्रणब मुखर्जी – प्रणब मुखर्जी देश के 13 वें राष्ट्रपति रहे हैं।
नानाजी देशमुख – महाराष्ट्र के नानाजी देशमुख मुख्य रूप से समाजसेवी रहे।
भूपेन हज़ारिका – भूपेन हज़ारिका गायक एवं संगीतकार होने के साथ ही एक कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति तथा संगीत के अच्छे जानकार थे। 

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