शनिवार, 9 जनवरी 2021

पति के कामकाज से पत्नी के घर के कामकाज की कीमत कम नहीं सुप्रीम कोर्ट

 पति के कामकाज से पत्नी के घर के कामकाज की कीमत कम नहीं .सुप्रीम कोर्ट .......

  #1        कामकाजी पति अगर पत्नियों को यह सुनाते हों कि तुम घर में करती ही क्या हो? तो यह खबर उनके लिए है। दरअसल, ...................



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नई दिल्ली

          कामकाजी पति अगर पत्नियों को यह सुनाते हों कि तुम घर में करती ही क्या हो? तो यह खबर उनके लिए है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी में कहा है कि घर में काम करने वाली पत्नियों की कीमत कामकाजी पतियों से बिल्कुल भी कम नहीं है। कोर्ट ने कहा कि घर में काम करने वाली महिला पुरुषों की तुलना में ज्यादा और बिना पैसे के करती हैं काम। 

  #3          जस्टिस की पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एक जोड़े के रिश्तेदार का मुआवजा बढ़ाने का फैसला दिया। इस जोड़े की मौत दिल्ली में एक हादसे में हो गई थी, जब एक कार ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी।
          
कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा बढ़ाने का दिया आदेश
पीठ ने मृतक के पिता को इंश्योरेंस कंपनी से मिलने वाली मुआवजे की 11.20 लाख की राशि को बढ़ाकर 33.20 लाख करने और इसपर मई 2014 से 9% ब्याज देने का फैसला सुनाया। जस्टिस ने शीर्ष अदालत के लता वाधवा केस में दिए गए फैसले को आगे बढ़ाते हुए यह फैसला दिया। 

  #4         दरअसल, 2001 में वाधवा केस में सुप्रीम कोर्ट ने मृतक महिला के घर में किए जाने वाले काम को आधार मानते हुए उसके परिजनों को मुआवजा देने का फैसला दिया था। महिला की एक समारोह में आग के कारण मौत हो गई थी।  

          जस्टिस ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार, करीब 16 करोड़ महिलाएं घरेलू कामकाज में व्यस्त हैं और यही उनका मुख्य व्यवसाय है। वहीं, केवल करीब 57 लाख के करीब पुरुष जनगणना में बतौर व्यवसाय घेरलू कामकाज लिखा है। जस्टिस ने अपने फैसले में हाल में नैशनल स्टैटिकल ऑफिस की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। 

  #5          'टाइम यूज इन इंडिया 2019' नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन, महिलाएं एक दिन में करीब 299 मिनट घरेलू कामों में लगाती हैं और इसके लिए उन्हें कोई पैसा नहीं मिलता है जबकि पुरुष औसतन 97 मिनट घरेलू काम में खर्च करते हैं।

          जस्टिस ने कहा कि इसी तरह एक दिन में महिलाएं घर के सदस्यों की देखभाल के कामों में 134 मिनट खर्च करती हैं जबकि पुरुष ऐसे कामों में केवल 76 मिनट ही खर्च करते हैं। अगर भारत में एक दिन में इन कामों पर खर्च किए गए कुल समय को जोड़े तो तस्वीर साफ हो जाती है।

  #6         महिलाएं औसतन 16.9% बिना पैसे के लिए घरेलू कामकाज करती हैं जबकि 2.6% घर के सदस्यों की देखभाल में लगाती है। जबकि, पुरुषों का यही औसत 1.7% और 0.8% हो जाता है।  

        घरेलू कामकाज में पुरुषों की तुलना में महिलाएं बहुत आगे हैं,
उन्होंने कहा कि अगर किसी शख्स के घरेलू कामकाज के लिए लगाए जाने वाले समय की बात करें तो महिलाएं ही इसमे आगे हैं, वह कई तरह की घरेलू कामकाज को करती हैं। महिलाए पूरे परिवार के लिए खाना बनाती हैं, खाने-पीने के सामानों और अन्य घरेलू जरूरतों की चीजों की खरीदारी करती हैं।

#7         इसके अलावा घर को साफ रखने से लेकर उसके साज-सज्जा का ख्याल रखती हैं। बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतों का ख्याल रखती हैं। घरेलू खर्चे को मैनेज करती हैं और ऐसे ही कई अन्य काम करती हैं। 

         जस्टिस ने कहा कि ग्राणीम इलाकों की महिलाए तो अक्सर खेती के कामों में भी मदद करती हैं। वे खेती की गतिविधियों से लेकर मवेशियों के खान-पान का भी ध्यान रखती हैं। उन्होंने कहा कि होममेकर का नैशनल इनकम फिक्स करना, उनकी कामों को मान्यता देना अहम होगा। महिलाएं चाहे अपनी पसंद से या फिर सामाजिक/सांस्कृतिक नियमों को तहत भले ही ऐसा करती हों लेकिन उनके कामों को पहचान देना जरूरी है। 

#8           पीठ ने कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है और कोर्ट का भी मानना है कि घर में काम करने वाली महिलाओं के श्रम को पहचानना जरूरी है। उनके काम के जरिए घर की आर्थिक हालात को मजबूती मिलती है और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। 

#9

read more-1)पति के निधन के बाद उसकी संपत्ति में क्या होगा दूसरी पत्नी का हक?

2)हिन्दू पुरुष की मृत्यु के बाद उसकी सम्पत्ति संयुक्त परिवार की सम्पत्ति नहीं रह जाती..

1}गिफ्ट(Gift) की गई संपत्ति के स्वामित्व के लिए स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान का महत्व?

2}Stay Order का क्या मतलब होता है? प्रॉपर्टी पर स्थगन आदेश क्या होता हैं? प्रॉपर्टी के निर्माण पर स्थगन आदेश कैसे होता है?

3}क्यों जरूरी है नॉमिनी? जानें इसे बनाने के नियम और अधिकार

4}Deaf and Dumb पीड़िता के बयान कैसे दर्ज होना चाहिए। Bombay High Court

#10

5}क्या दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में अधिकार है?

6}हिंदू उत्तराध‌िकार अध‌िनियम से पहले और बाद में हिंदू का वसीयत करने का अध‌िकार

7}निःशुल्क कानूनी सहायता-

8}संपत्ति का Gift "उपहार" क्या होता है? एक वैध Gift Deed के लिए क्या आवश्यक होता है?

#11


गुरुवार, 7 जनवरी 2021

उपहार की गई जमीन पर कब्जा लेना उसे स्वीकारने जैसा-सुप्रीम कोर्ट का फैसला

 उपहार की गई जमीन पर कब्जा लेना उसे स्वीकारने जैसा-सुप्रीम कोर्ट का फैसला

  #1           सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में व्यवस्था दी है, कि उपहार की गई संपत्ति को लेने वाला यदि उसे लिखित में स्वीकार नहीं भी करता है, तो भी वह उपहार कानूनी रूप से योग्य माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि यह स्वीकारोक्ति उपहार लेने वाले के आचरण से तय की जाएगी, न कि लिखित सबूतों से।

   


  #2          जस्टिस कि पीठ ने फैसले में राजस्थान हाई कोर्ट का निर्णय पलट दिया, जिसने उपहार को इस बिना पर खारिज कर दिया कि इसे लेने वाले ने इसे स्वीकार किया है, इसका कोई सबूत नहीं है। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि उपहार स्वीकार कर लिया गया है, इसका अनुमान इस बात से लगता है कि उसने संपत्ति का कब्जा ले लिया है या स्वयं गिफ्ट डीड ही उसके कब्जे में है।

               संपत्ति स्थानांतरण एक्ट,1882 की धारा 122 के अनुसार गिफ्ट डीड के कानूनी होने की शर्तें यह है कि यह बिना किसी पैसे लिए की गई हो और पूरी तरह से स्वैच्छिक हो। इस तरह से संपति देने से दानकर्ता का पूरी तरह संपत्ति पर अपना मालिकाना हक छोड़ना है। उपहार लेने वाला देने वाले के जीवनकाल में इस संपत्ति को कभी भी स्वीकार कर सकता है।

  #3             वहीं अचल संपत्ति स्थानांतरण के बारे में धारा 123 कहती है कि यह स्थानांतरण रजिस्टर्ड डीड पर होगा, जिसमें दानकर्ता के हस्ताक्षर हों और साथ में कम से कम दो गवाहों के भी हस्ताक्षर हों।

              कोर्ट ने कहा कि धारा 122 यह कहीं नहीं बताती कि उपहार कैसे स्वीकार कर लिया माना जाएगा, न ही स्वीकार करने का कोई विशेष तरीका परिभाषित करती है।

  #4              कोर्ट ने कहा कि उपहार मंजूर करना इससे माना जा सकता है कि लेने वाले ने संपत्ति पर कब्जा ले लिया। या गिफ्ट डीड उसने दान करने वाले से अपने कब्जे में ले ली है। उपहार के प्रभावी होने की एक ही जरूरत है और वह यह कि इसे दान देने वाले के जीवनकाल में ही स्वीकार करना होगा। 

#5

यह है पूरा मामला : 
              याचिकाकर्ता ने राजस्थान कृषि भूमि सीलिंग एक्ट,1973 की कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा कि इस पर धारा 6 की कार्यवाही लागू नहीं होगी, क्योंकि भूमि उपहार के जरिए पुत्र को स्थानांतरित की गई है। जो सवा 17 एकड़ भूमि बच गई है, उस पर सीलिंग लागू नहीं होती। 

                  लेकिन खंडपीठ ने इस फैसले को 2008 में पलट दिया और कहा कि गिफ्ट डीड को देखने से यह कहीं नहीं लगता है कि इसे स्वीकार किया गया है, यहां तक कि इससे लगता है कि लेने वाले को पता भी नहीं है कि उसे भूमि उपहार में दी गई है।

  #6         इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई और सवाल उठाया गया कि क्या रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड कानून की निगाह में सही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार कर ली और उपहार को सही मानकर 127 बीघा जमीन दौलत सिंह के पुत्र नरपत सिंह के नाम कर दी।

                       thank you

#7

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#8

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#9


बुधवार, 6 जनवरी 2021

Fastag कहां से ले सकते हैं? और FASTag क्या है?

 Fastag कहां से ले सकते हैं? और  FASTag क्या है?

 FASTag क्या है?

#1

                यह रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगेगा, जो बैंक अकाउंट या नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पेमेंट वॉलिट से जुड़ा होगा। इससे गाड़ी मालिकों को टोल प्लाजा से गुजरते रुकने की जरूरत नहीं होगी और रकम अकाउंट से अपने आप कट जाएगी।


#2

              नैशनल हाइवेज फी (रेट और कलेक्शन निर्धारण) रूल्स, 2008 के मुताबिक, किसी टोल प्लाजा में FASTag लेन FASTag यूजर्स की आवाजाही के लिए खासतौर पर रिजर्व है। अगर कोई गाड़ी मालिक बगैर FASTag के FASTag लेन से गुजरता है तो उसे दोगुनी फीस वसूली जाएगी।

#3

 Fastag कहां से ले सकते हैं ?

आप किसी भी सकारी बैंक से फास्टैग स्टीकर ऑफलाइन खरीद सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन करके भी फास्टैग मंगवाया जा सकता है। इसके लिए आपको बैंक की फास्टैग ऐप्लिकेशन वेबसाइट पर जाना होगा और डीटेल भरकर आवेदन करना होगा। जब आपका फास्टैग अकाउंट बन जाएगा तो इसे मोबाइल ऐप से भी कंट्रोल किया जा सकेगा। इसे आप अपने बैंक अकाउंट से रिचार्ज कर सकते हैं। 

  #4

Fastag कैसे काम करेगा ?
मंत्रालय ने सिस्टम में बदलाव की निगरानी और नैशनल हाइवेज अथॉरिटी (NHAI) के साथ तालमेल बनाकर काम करने के लिए कई राज्यों में केंद्रीय प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसका क्रियान्वयन NHAI ही कर रही है। ऊपर जिस अधिकारी का जिक्र किया है, उन्होंने बताया कि अधिकांश commercial गाड़ियों ने पहले ही FASTags सिस्टम अपना लिया है।

#5

(FASTags) किसे है जरूरत?

नए वाहन मालिकों को FASTag के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है. वजह है क‍ि ये रजिस्ट्रेशन के समय पहले से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. ओनर को बस FASTag अकाउंट को सक्रिय और रिचार्ज करना होगा.  

हालांकि, आपके पास पुरानी कार है, तो आप उन बैंकों से FASTag खरीद सकते हैं जो सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम से अधिकृत हैं. इन बैंकों में सिंडिकेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीएफसी बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और इक्विटास बैंक शामिल हैं. आप पेटीएम से भी FASTag खरीद सकते हैं. 

#6

प्रक्रिया क्या है?

1. FASTag प्रीपेड खाता खोलने के लिए बैंक की ऑनलाइन FASTag एप्लिकेशन वेबसाइट पर जाएं. FASTag अकाउंट की खातिर ऑनलाइन आवेदन के लिए बैंक के साथ संबंध होना जरूरी नहीं है.

2. निजी विवरण जैसे नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आदि भरें.
 
3. केवाईसी दस्तावेज विवरण (ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, या आधार कार्ड) दर्ज करें.

4. वाहन पंजीकरण विवरण दर्ज करें. वाहन पंजीकरण का मतलब वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) नंबर से है.

 5. सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें. इनमें केवाईसी दस्तावेज, वाहन मालिक की 1 पासपोर्ट साइज फोटो और आरसी शामिल हैं.

#7

                 आवेदन जमा करने के बाद आपका FASTag अकाउंट बन जाएगा. आप अपने FASTag खाते को ऑनलाइन या FASTag ऐप के जरिए एक्सेस कर सकते हैं. आप क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/ एनईएफटी / आरटीजीएस का उपयोग करके या नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने FASTag खाते को रिचार्ज कर सकते हैं. रिचार्ज की जाने वाली अधिकतम राशि 1 लाख रुपये है.
 
मिलते हैं ट्रांजेक्शन एलर्ट आपके सभी FASTag लेनदेन के लिए आपको एसएमएस और ईमेल अलर्ट मिलेंगे.

#8

          Below is the list of KYC documents required for FASTag:

Individual: Identification Proof (ID) and Address Proof (from the list below) and one passport size photograph:
Driving License (DL)
Passport
Voter ID
PAN Card
Aadhaar Card

               thank you

#9

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3}क्यों जरूरी है नॉमिनी? जानें इसे बनाने के नियम और अधिकार

4}Deaf and Dumb पीड़िता के बयान कैसे दर्ज होना चाहिए। Bombay High Court

#10

5}क्या दूसरी पत्नी को पति की संपत्ति में अधिकार है?

6}हिंदू उत्तराध‌िकार अध‌िनियम से पहले और बाद में हिंदू का वसीयत करने का अध‌िकार

7}निःशुल्क कानूनी सहायता-

8}संपत्ति का Gift "उपहार" क्या होता है? एक वैध Gift Deed के लिए क्या आवश्यक होता है?



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